10 - दादरे (बन्ना बन्नी के गीत - 10 ) उडी उडी रे पतंग काले बादलों के संग, चली जाओगी, चली जाओगी पिया जी फिर न आओगी , उडी उडी रे पतंग काले बादलों के संग ...
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1 - दादरे (वन्ना बन्नी के गीत - 1 )
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1 - दादरे (वन्ना बन्नी के गीत - 1 ) खुशियों से भरी ससुराल मिली, बस मन मैं उमंगें छाई है। खुशियों से भरी ससुराल मिली , बस मन मैं उमंगें छाई है ससुराल मैं आके देखा है , सासु ने बेहंदी पहनाई है। बस ख़ुशी मुझे इस बात की है मम्मी की याद भुलाई है। खुशियों से भरी ससुराल मिली , बस मन मैं उमंगें छाई है, खुशियों से भरी ससुराल मिली बस मन मैं उमंगें छाई है। ... दोस्तों कैसा लगा यह मेरी पोस्ट का पहला गीत..... कमेंट बॉक्स मैं जरूर बताइयेगा। . धन्यवाद
मेरा परिचय
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नमस्कार दोस्तों आपने बुंदेलखंड का नाम तो सुना ही होगा। मैं बुंदेलखंड की मिटटी मैं पला बड़ा। यहां की भाषा खान-पान, रहन-सहन, संगीत, लोकनृत्य, वन्ना-वन्नी के गीत या विवाह गीत (जिन्हे यहां की आम भाषा मैं दादरे और सोहरे के नाम से जाने जाते है) लोकगीत, राइ, दीवारी, इत्यादि बहुत ही लोकप्रिय है, जिसको मैं आपके साथ दादरे और सोहरे गीत के साथ शेयर करूँगा। आशा करता हूँ आपको जरूर पसंद आएंगे। धन्यवाद।